शिशुपालवधम्, हर्गोविन्द शास्त्री द्वारा संपादित तथा Chaukhambha Vidya Bhawan, Varanasi द्वारा प्रकाशित, संस्कृत साहित्य के महान महाकाव्यों में से एक है। यह काव्य परंपरागत रूप से महाकवि माघ (Magha) की रचना के रूप में प्रसिद्ध है।
इस ग्रंथ में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा शिशुपाल के वध की कथा को अत्यंत सुंदर, अलंकारिक और काव्यात्मक शैली में प्रस्तुत किया गया है। इसमें संस्कृत साहित्य की उच्च कोटि की भाषा, अलंकार, छंद और व्याकरणिक विशेषताओं का अद्भुत समावेश देखने को मिलता है।
इस संस्करण की विशेषता यह है कि इसमें संस्कृत मूल पाठ के साथ सरल हिंदी अनुवाद दिया गया है, जिससे विद्यार्थी और पाठक दोनों ही इस महान काव्य को आसानी से समझ सकते हैं। यह पुस्तक साहित्य, दर्शन और धार्मिक परंपरा—तीनों का समन्वय प्रस्तुत करती है।
यह ग्रंथ संस्कृत साहित्य के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और भारतीय काव्य परंपरा में रुचि रखने वालों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
📌 Kitabkunj Recommendation: यदि आप संस्कृत के क्लासिकल महाकाव्य और भारतीय साहित्य की श्रेष्ठ परंपरा को समझना चाहते हैं, तो “शिशुपालवधम्” आपके लिए एक अनमोल ग्रंथ है।
🌟 Key Features
- प्रसिद्ध संस्कृत महाकाव्य “शिशुपालवध”
- संस्कृत मूल पाठ के साथ हिंदी अनुवाद
- अलंकार, छंद और काव्य सौंदर्य का उत्कृष्ट उदाहरण
- धार्मिक और साहित्यिक महत्व का संगम
- छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए उपयोगी
🎯 Best For
- संस्कृत साहित्य के विद्यार्थी
- प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले
- शोधकर्ता एवं विद्वान
- भारतीय काव्य परंपरा में रुचि रखने वाले
- धार्मिक एवं साहित्यिक ग्रंथों के पाठक










Reviews
There are no reviews yet.