भारतीय कुण्डली विज्ञान वैदिक ज्योतिष के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित एवं व्यावहारिक ग्रंथ है, जिसकी रचना प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य स्व. मीठालाल हिमतराम ओझा ने की है। यह पुस्तक विशेष रूप से जन्मकुण्डली के वैज्ञानिक एवं पारंपरिक अध्ययन पर आधारित है तथा कुंडली निर्माण से लेकर उसके सूक्ष्म विश्लेषण तक की सम्पूर्ण प्रक्रिया को सरल भाषा में प्रस्तुत करती है। यह ग्रंथ वर्षों से ज्योतिष के विद्यार्थियों एवं विद्वानों के लिए एक विश्वसनीय अध्ययन सामग्री के रूप में जाना जाता है।
इस पुस्तक में लग्न निर्धारण, ग्रहों की स्थिति, बारह राशियाँ, बारह भाव, ग्रह दृष्टि, ग्रहबल, योग निर्माण, दशा प्रणाली तथा फलित ज्योतिष के मूलभूत एवं उन्नत सिद्धांतों का व्यवस्थित वर्णन किया गया है। लेखक ने कठिन ज्योतिषीय गणनाओं को सरल बनाने के लिए विभिन्न सारणियाँ (Tables) एवं कोष्ठकों का उपयोग किया है, जिससे बिना जटिल गणित के भी अनेक ज्योतिषीय गणनाएँ आसानी से की जा सकती हैं। साथ ही कुछ स्थानों पर पाश्चात्य ज्योतिषीय पद्धति का तुलनात्मक उल्लेख भी किया गया है।
पुस्तक का उद्देश्य केवल सैद्धांतिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि पाठकों को व्यावहारिक कुंडली विश्लेषण (Practical Horoscope Analysis) में दक्ष बनाना भी है। इसमें ग्रहों के शुभ एवं अशुभ प्रभाव, भावफल, योगों का निर्माण, दशा के परिणाम तथा जीवन की विभिन्न घटनाओं के ज्योतिषीय विश्लेषण को सरल शैली में समझाया गया है। इसलिए यह पुस्तक शुरुआती विद्यार्थियों से लेकर अनुभवी ज्योतिषाचार्यों तक सभी के लिए उपयोगी सिद्ध होती है।
मीठालाल हिमतराम ओझा की यह कृति भारतीय ज्योतिष की पारंपरिक पद्धति को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत करती है और जन्मकुण्डली विज्ञान का गहन अध्ययन करने वाले प्रत्येक पाठक के लिए एक उत्कृष्ट संदर्भ ग्रंथ मानी जाती है। यदि आप कुंडली निर्माण, ग्रहों के प्रभाव एवं फलित ज्योतिष की मजबूत आधारशिला बनाना चाहते हैं, तो यह पुस्तक आपके संग्रह में अवश्य होनी चाहिए।
इस पुस्तक में शामिल प्रमुख विषय
- जन्मकुण्डली निर्माण
- लग्न निर्धारण
- ग्रहों की स्थिति
- बारह राशियाँ
- बारह भाव
- ग्रह दृष्टि
- ग्रहबल
- शुभ एवं अशुभ ग्रह
- योग निर्माण
- राजयोग एवं धनयोग
- दशा प्रणाली
- फलित ज्योतिष
- समय निर्धारण
- कुंडली गणना
- सारणियों द्वारा गणित
- पाश्चात्य एवं भारतीय पद्धति का तुलनात्मक अध्ययन
- जन्मफल विश्लेषण
- व्यावहारिक कुंडली अध्ययन
मुख्य विशेषताएँ
- ✔ स्व. मीठालाल हिमतराम ओझा की प्रसिद्ध कृति
- ✔ जन्मकुण्डली विज्ञान का व्यवस्थित एवं व्यावहारिक अध्ययन
- ✔ सरल हिन्दी भाषा में प्रस्तुति
- ✔ कुंडली गणना हेतु उपयोगी सारणियाँ एवं कोष्ठक
- ✔ ग्रह, राशि, भाव एवं दशा का विस्तृत विवेचन
- ✔ पारंपरिक एवं व्यावहारिक फलित ज्योतिष का समन्वय
- ✔ विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं एवं ज्योतिषाचार्यों के लिए उपयोगी
- ✔ भारतीय विद्या प्रकाशन का प्रामाणिक संस्करण
यह पुस्तक किनके लिए उपयुक्त है?
- वैदिक ज्योतिष के विद्यार्थी
- कुंडली विश्लेषण सीखने वाले पाठक
- फलित ज्योतिष के अध्ययनकर्ता
- पेशेवर ज्योतिषाचार्य
- शोधकर्ता
- ज्योतिष शिक्षक
- प्रतियोगी परीक्षाओं (ज्योतिष) के अभ्यर्थी
- भारतीय ज्योतिष के गंभीर पाठक
















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