जातक पारिजात भारतीय फलित ज्योतिष का एक कालजयी एवं सर्वाधिक प्रतिष्ठित ग्रंथ है, जिसकी रचना श्री वैद्यनाथ दीक्षित ने की थी। यह ग्रंथ पाराशरी ज्योतिष पर आधारित सबसे महत्वपूर्ण कृतियों में से एक माना जाता है और सदियों से ज्योतिषाचार्यों द्वारा अध्ययन एवं संदर्भ ग्रंथ के रूप में उपयोग किया जाता रहा है। इसमें जन्मकुंडली के सूक्ष्म विश्लेषण से लेकर ग्रहों, राशियों, भावों, योगों एवं दशाओं का अत्यंत विस्तृत विवेचन किया गया है।
इस हिन्दी संस्करण में डॉ. सुरेशचन्द्र मिश्रा ने संस्कृत मूल श्लोकों का सरल, स्पष्ट एवं व्यावहारिक हिन्दी अनुवाद तथा विस्तृत टीका प्रस्तुत की है। कठिन ज्योतिषीय सिद्धांतों को सहज भाषा में समझाया गया है, जिससे यह पुस्तक विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं तथा अनुभवी ज्योतिषाचार्यों सभी के लिए समान रूप से उपयोगी बन जाती है।
ग्रंथ में 18 अध्यायों के माध्यम से लग्न, ग्रह, राशियाँ, भाव, ग्रह दृष्टि, योग, राजयोग, धनयोग, आयु निर्धारण, भावफल, कालचक्र दशा, विंशोत्तरी दशा, ग्रहबल तथा अनेक महत्वपूर्ण ज्योतिषीय सिद्धांतों का व्यवस्थित वर्णन किया गया है। इसकी विशेषता यह है कि इसमें महर्षि गर्ग, पराशर तथा अन्य प्राचीन ज्योतिषाचार्यों के सिद्धांतों का सार एक ही ग्रंथ में संकलित किया गया है, जिनमें से अनेक मूल ग्रंथ आज पूर्ण रूप में उपलब्ध नहीं हैं। यही कारण है कि जातक पारिजात को वैदिक ज्योतिष के सर्वश्रेष्ठ क्लासिकल ग्रंथों में स्थान प्राप्त है।
यह दो-भागीय संस्करण हार्डबाउंड रूप में प्रकाशित है तथा संस्कृत मूल पाठ के साथ विस्तृत हिन्दी व्याख्या प्रदान करता है। पुस्तक विशेष रूप से उन पाठकों के लिए उपयोगी है जो जन्मकुंडली का गहन अध्ययन, भविष्यफल, दशा-विचार, योग निर्माण एवं पारंपरिक ज्योतिष का गंभीर अध्ययन करना चाहते हैं।
इस पुस्तक में शामिल प्रमुख विषय
- जातक पारिजात का परिचय
- संस्कृत मूल पाठ
- हिन्दी अनुवाद एवं व्याख्या
- जन्मकुंडली निर्माण
- बारह राशियाँ
- बारह भावों का विस्तृत फल
- नवग्रहों का प्रभाव
- ग्रह दृष्टि
- ग्रहबल
- शुभ एवं अशुभ योग
- राजयोग
- धनयोग
- आयु विचार (आयुर्दाय)
- भावफल
- कालचक्र दशा
- विंशोत्तरी दशा
- ग्रह संयोग
- लग्न विचार
- ग्रहों के शुभ-अशुभ प्रभाव
- व्यावहारिक फलित ज्योतिष
मुख्य विशेषताएँ
- ✔ वैद्यनाथ दीक्षित का प्रसिद्ध क्लासिकल ज्योतिष ग्रंथ
- ✔ संस्कृत मूल पाठ सहित सरल हिन्दी व्याख्या
- ✔ डॉ. सुरेशचन्द्र मिश्रा की विस्तृत टिप्पणी
- ✔ दो भागों (Vol. 1 & 2) का संपूर्ण सेट
- ✔ पाराशरी ज्योतिष का प्रामाणिक अध्ययन
- ✔ योग, दशा एवं भावफल का विस्तृत विवेचन
- ✔ विद्यार्थियों एवं शोधकर्ताओं के लिए आदर्श संदर्भ ग्रंथ
- ✔ हार्डबाउंड उत्कृष्ट संस्करण
- ✔ वैदिक फलित ज्योतिष के गंभीर अध्ययन हेतु उपयुक्त
यह पुस्तक किनके लिए उपयुक्त है?
- वैदिक ज्योतिष के विद्यार्थी
- ज्योतिषाचार्य एवं परामर्शदाता
- शोधकर्ता
- संस्कृत एवं भारतीय ज्ञान परंपरा के विद्यार्थी
- कुंडली विश्लेषक
- फलित ज्योतिष सीखने वाले पाठक
- प्रतियोगी परीक्षाओं (ज्योतिष) के अभ्यर्थी
- ज्योतिष के क्लासिकल ग्रंथों के संग्रहकर्ता





















Reviews
There are no reviews yet.