काली किताब आचार्य धनंजय संन्यासी द्वारा लिखित तंत्र एवं आध्यात्मिक साहित्य का एक प्रतिष्ठित ग्रंथ है। यह पुस्तक Manoj Publications द्वारा प्रकाशित की गई है तथा हिन्दी एवं संस्कृत भाषा में उपलब्ध है। उपलब्ध प्रकाशकीय विवरण के अनुसार पुस्तक में कुल 512 पृष्ठ हैं तथा इसमें 16 रंगीन (Colour) पृष्ठ भी सम्मिलित किए गए हैं।
यह पुस्तक भारतीय तांत्रिक परंपरा एवं आध्यात्मिक साहित्य में रुचि रखने वाले पाठकों के बीच लंबे समय से लोकप्रिय है। इसे मुख्यतः अध्ययन, संदर्भ तथा पारंपरिक तंत्र-साहित्य को समझने के उद्देश्य से पढ़ा जाता है। पुस्तक का आकर्षक एवं विस्तृत स्वरूप इसे शोधकर्ताओं, आध्यात्मिक साधकों तथा संग्रहकर्ताओं के लिए भी उपयोगी बनाता है।
महत्वपूर्ण तथ्य: इस संस्करण की विस्तृत विषय-सूची (Contents) अथवा अध्यायों का आधिकारिक विवरण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। इसलिए पुस्तक में किसी विशेष साधना, प्रयोग, मंत्र, तंत्र या अनुष्ठान के होने का दावा करना उचित नहीं होगा। यह विवरण केवल प्रकाशक एवं उपलब्ध प्रामाणिक बिब्लियोग्राफिक जानकारी पर आधारित है।
मुख्य विशेषताएँ
- ✔ आचार्य धनंजय संन्यासी की चर्चित कृति
- ✔ Manoj Publications का प्रकाशित संस्करण
- ✔ हिन्दी एवं संस्कृत भाषा
- ✔ कुल 512 पृष्ठ
- ✔ 16 रंगीन (Colour) पृष्ठ
- ✔ Paperback संस्करण
- ✔ अध्ययन एवं संदर्भ के लिए उपयुक्त
- ✔ तंत्र एवं आध्यात्मिक साहित्य के पाठकों हेतु उपयोगी
यह पुस्तक किनके लिए उपयुक्त है?
- तंत्र साहित्य के अध्ययनकर्ता
- भारतीय आध्यात्मिक परंपरा के शोधकर्ता
- धार्मिक ग्रंथों के संग्रहकर्ता
- संस्कृत एवं हिन्दी साहित्य के विद्यार्थी
- भारतीय संस्कृति एवं दर्शन में रुचि रखने वाले पाठक















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