“भृगु संहिता” को प्राचीनतम ज्योतिष ग्रंथों में से एक माना जाता है, जो महर्षि भृगु द्वारा रचित है। यह ग्रंथ हस्तरेखा विज्ञान और वैदिक ज्योतिष का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है, जिससे बिना जन्म कुंडली के भी व्यक्ति के भविष्य का सटीक पूर्वानुमान किया जा सकता है।
इस ग्रंथ में जीवन के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं जैसे कि स्वास्थ्य, विवाह, संतान, व्यवसाय, भाग्य, और मृत्यु काल तक के संकेत मिलते हैं — वह भी केवल हथेली की रेखाओं के विश्लेषण से।
🌟 मुख्य विशेषताएँ:
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हस्तरेखा और भृगु ज्योतिष का संपूर्ण संयोजन
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बिना कुंडली के भविष्यवाणी की विधियाँ
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सरल भाषा में दुर्लभ और गूढ़ ज्ञान
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हाथ की रेखाओं से दशा व गोचर आधारित भविष्यफल
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भविष्य जानने के इच्छुक जिज्ञासुओं के लिए अमूल्य ग्रंथ
✅ पुस्तक किनके लिए उपयोगी है:
📌 ज्योतिष और हस्तरेखा के विद्यार्थी
📌 प्रोफेशनल एस्ट्रोलॉजर्स व पामिस्ट्स
📌 आत्म-ज्ञान और भविष्य जानने की चाह रखने वाले
📌 पारंपरिक ज्योतिष की खोज में लगे शोधकर्ता
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