सामुद्रिकशास्त्रम् (Samudrik Shastra) भारतीय परंपरा का एक प्राचीन और महत्वपूर्ण शास्त्र है, जिसमें मनुष्य के शरीर के अंगों, चेहरे की बनावट, नेत्र, ललाट, नाक, हाथ-पैर, चाल-ढाल तथा शरीर पर बने विभिन्न चिह्नों के आधार पर उसके व्यक्तित्व, स्वभाव, भाग्य और जीवन की संभावनाओं का अध्ययन किया जाता है।
यह ग्रंथ अभय कात्यायन द्वारा रचित है और इसे प्रतिष्ठित प्रकाशक चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन द्वारा प्रकाशित किया गया है। यह पुस्तक संस्कृत एवं हिंदी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे पाठक मूल संस्कृत श्लोकों के साथ हिंदी अनुवाद एवं व्याख्या का लाभ उठा सकते हैं।
सामुद्रिक शास्त्र का उल्लेख प्राचीन ग्रंथों जैसे गरुड़ पुराण, बृहद्संहिता तथा अन्य ज्योतिष ग्रंथों में भी मिलता है। यह शास्त्र ज्योतिष, हस्तरेखा और व्यक्तित्व विश्लेषण से जुड़ा हुआ एक महत्वपूर्ण विषय है।
यह पुस्तक उन लोगों के लिए अत्यंत उपयोगी है जो मानव शरीर के संकेतों से व्यक्तित्व और भविष्य का अध्ययन करना चाहते हैं।
📚 इस पुस्तक में प्रमुख विषय
सामुद्रिक शास्त्र का परिचय और इतिहास
चेहरे के अंगों से स्वभाव और भाग्य का अध्ययन
ललाट, नेत्र, नाक, कान और होंठ के संकेत
हाथ-पैर की बनावट और उनके फल
शरीर के शुभ एवं अशुभ चिह्न
व्यक्तित्व और भाग्य का सामुद्रिक विश्लेषण
पारंपरिक भारतीय संकेत विज्ञान
⭐ इस पुस्तक की विशेषताएँ
✔ संस्कृत मूल श्लोकों के साथ हिंदी अनुवाद
✔ सामुद्रिक शास्त्र का प्रामाणिक अध्ययन
✔ सरल एवं स्पष्ट व्याख्या
✔ ज्योतिष, हस्तरेखा और व्यक्तित्व अध्ययन के लिए उपयोगी
✔ विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और ज्योतिष प्रेमियों के लिए महत्वपूर्ण











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