दुर्गा सप्तशती, जिसे चंडी पाठ या देवी महात्म्य भी कहा जाता है, सनातन धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक ग्रंथ है। यह ग्रंथ मार्कण्डेय पुराण का एक भाग है और इसमें 700 श्लोक हैं, इसलिए इसे सप्तशती कहा जाता है।
इस पवित्र ग्रंथ में माँ दुर्गा, महाकाली और महालक्ष्मी के दिव्य स्वरूपों तथा उनकी शक्तियों का वर्णन किया गया है। इसमें देवी द्वारा विभिन्न असुरों जैसे महिषासुर, शुम्भ-निशुम्भ और मधु-कैटभ के वध की कथाएँ विस्तार से दी गई हैं।
गीता प्रेस गोरखपुर (Code 489) द्वारा प्रकाशित यह पुस्तक अपनी शुद्धता और प्रमाणिकता के लिए प्रसिद्ध है। इसमें दुर्गा सप्तशती के श्लोक हिंदी भाषा में उपलब्ध हैं जिससे भक्त इसे आसानी से पढ़ और समझ सकते हैं।
नवरात्रि, दुर्गा पूजा तथा विशेष धार्मिक अनुष्ठानों में दुर्गा सप्तशती का पाठ अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। नियमित रूप से इस ग्रंथ का पाठ करने से साहस, आत्मविश्वास, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक शक्ति की प्राप्ति होती है।
यह पुस्तक देवी उपासना करने वाले भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक ग्रंथ है।
📚 इस पुस्तक में मुख्य विषय
देवी महात्म्य (माँ दुर्गा की महिमा)
महिषासुर वध की कथा
शुम्भ-निशुम्भ वध
देवी स्तुति और चंडी पाठ
देवी के विभिन्न दिव्य स्वरूपों का वर्णन
⭐ पुस्तक की विशेषताएँ
✔ दुर्गा सप्तशती के 700 पवित्र श्लोक
✔ नवरात्रि और चंडी पाठ के लिए उपयुक्त
✔ सरल हिंदी भाषा में उपलब्ध
✔ गीता प्रेस गोरखपुर का प्रमाणिक प्रकाशन
✔ मजबूत हार्डकवर संस्करण











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