क्या गुरु बिना मुक्ति नहीं एक गहन आध्यात्मिक कृति है, जिसमें गुरु की महिमा, गुरु-शिष्य संबंध और मोक्ष प्राप्ति में गुरु की भूमिका का विस्तृत विवेचन किया गया है।
यह पुस्तक शास्त्रीय प्रमाणों, धार्मिक दृष्टांतों और सरल व्याख्या के माध्यम से यह समझाती है कि आध्यात्मिक उन्नति एवं आत्मबोध में गुरु का स्थान कितना महत्वपूर्ण है।
सनातन धर्म में गुरु को ब्रह्मा, विष्णु और महेश के तुल्य माना गया है — यह ग्रंथ उसी दिव्य गुरु तत्व को स्पष्ट करता है।
🏢 प्रकाशक
यह पुस्तक Gita Press, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित की गई है।
गीता प्रेस भारत का एक अत्यंत प्रतिष्ठित धार्मिक प्रकाशन संस्थान है, जो शास्त्रीय, भक्ति एवं आध्यात्मिक साहित्य के लिए प्रसिद्ध है।
🌟 पुस्तक की प्रमुख विशेषताएँ
✔ गुरु तत्व का शास्त्रीय विवेचन
✔ मोक्ष मार्ग की स्पष्ट व्याख्या
✔ धार्मिक प्रमाण एवं उद्धरण
✔ सरल एवं शुद्ध हिंदी भाषा
✔ गीता प्रेस का प्रामाणिक संस्करण
🎯 यह पुस्तक किनके लिए उपयुक्त है?
आध्यात्मिक साधक
गुरु-शिष्य परंपरा को समझने वाले
मोक्ष मार्ग में रुचि रखने वाले
धार्मिक अध्ययन करने वाले विद्यार्थी
परिवार में धार्मिक वातावरण बनाए रखने वाले









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