“लघु सिद्धांत कौमुदी” संस्कृत व्याकरण का एक प्रसिद्ध और प्रामाणिक ग्रंथ है, जो पाणिनीय व्याकरण की गहराई को सरल और क्रमबद्ध रूप से प्रस्तुत करता है। यह ग्रंथ सिद्धांत कौमुदी का संक्षिप्त रूप है, जिसे विद्यार्थियों की सुविधा हेतु तैयार किया गया है।
गीता प्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित यह हार्डकवर संस्करण (Code-116) विद्वानों, विद्यार्थियों और अध्यापकों के लिए अत्यंत उपयोगी है। इसमें:
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व्याकरणिक नियमों की स्पष्ट व्याख्या
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सरल भाषा और क्रमबद्ध प्रस्तुति
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अध्ययन और शिक्षण दोनों के लिए उपयुक्त शैली
यह पुस्तक संस्कृत अध्ययन के लिए आधारभूत और उन्नत दोनों स्तरों पर उपयोगी है।
📌 Key Features (मुख्य विशेषताएँ)
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संस्कृत व्याकरण का प्रामाणिक ग्रंथ
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सिद्धांत कौमुदी का संक्षिप्त और सरल रूप
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गीता प्रेस गोरखपुर का विश्वसनीय प्रकाशन
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हार्डकवर, लंबे समय तक सुरक्षित रहने योग्य
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विद्यार्थियों और अध्यापकों दोनों के लिए उपयोगी
📌 Best For (उपयुक्त पाठक वर्ग)
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संस्कृत भाषा और व्याकरण के विद्यार्थी
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अध्यापक और विद्वान
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प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र
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गीता प्रेस के प्रामाणिक ग्रंथ संग्राहक
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