🏛️ भारतीय राज्यशास्त्र और अर्थनीति का अमूल्य ग्रंथ
“कौटिलीय अर्थशास्त्र (Kautilya Arthashastra)”, ओमप्रकाश शर्मा द्वारा प्रस्तुत तथा Manoj Publications द्वारा प्रकाशित, प्राचीन भारत के महान राजनीतिज्ञ एवं दार्शनिक आचार्य कौटिल्य (चाणक्य) के प्रसिद्ध ग्रंथ अर्थशास्त्र का हिंदी संस्करण है।
अर्थशास्त्र भारतीय इतिहास, राजनीति, प्रशासन, अर्थव्यवस्था, कूटनीति और शासन प्रणाली का एक महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता है। इसमें राज्य संचालन, कर व्यवस्था, न्याय व्यवस्था, विदेश नीति, सुरक्षा, प्रशासनिक संगठन तथा आर्थिक प्रबंधन से संबंधित विस्तृत विचार प्रस्तुत किए गए हैं।
📖 शासन, नीति और प्रशासन का व्यावहारिक ज्ञान
यह ग्रंथ केवल आर्थिक विषयों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें राज्य और समाज के संचालन से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण सिद्धांतों का वर्णन मिलता है।
पुस्तक में प्रमुख रूप से निम्न विषयों पर विचार किया गया है:
✔ राज्य संचालन एवं प्रशासन
✔ राजधर्म एवं नीतिशास्त्र
✔ कर एवं राजस्व व्यवस्था
✔ कूटनीति एवं विदेश नीति
✔ सुरक्षा एवं रणनीति
✔ न्याय व्यवस्था एवं शासन सिद्धांत
✔ आर्थिक संगठन एवं संसाधन प्रबंधन
🌟 आज भी प्रासंगिक विचार
कौटिल्य के विचारों को विश्व के महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं प्रशासनिक ग्रंथों में स्थान दिया जाता है। शासन, नेतृत्व, रणनीति और प्रबंधन से जुड़े अनेक सिद्धांत आज भी अध्ययन और शोध का विषय बने हुए हैं। विभिन्न आधुनिक पाठक और शोधकर्ता अर्थशास्त्र को राज्यशास्त्र एवं रणनीतिक चिंतन के महत्वपूर्ण स्रोत के रूप में देखते हैं।
📘 विद्यार्थियों एवं शोधकर्ताओं हेतु उपयोगी
यह पुस्तक विशेष रूप से उन पाठकों के लिए उपयोगी है जो:
- भारतीय राजनीति एवं इतिहास का अध्ययन करना चाहते हैं
- चाणक्य के विचारों को समझना चाहते हैं
- नीतिशास्त्र एवं प्रशासनिक सिद्धांतों में रुचि रखते हैं
- प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु संदर्भ सामग्री खोज रहे हैं
- भारतीय ज्ञान परंपरा का अध्ययन करना चाहते हैं
📌 Kitabkunj Recommendation: भारतीय राज्यशास्त्र, राजनीति, नीतिशास्त्र, प्रशासन एवं इतिहास में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए संग्रहणीय और अध्ययन योग्य ग्रंथ।
🌟 Key Features
- आचार्य कौटिल्य के प्रसिद्ध अर्थशास्त्र का हिंदी संस्करण
- शासन, राजनीति और अर्थव्यवस्था पर विस्तृत सामग्री
- नीतिशास्त्र एवं कूटनीति का अध्ययन
- शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों हेतु उपयोगी
- सरल हिंदी में प्रस्तुत संस्करण
- भारतीय ज्ञान परंपरा का महत्वपूर्ण ग्रंथ














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