“Ayurvediya Nadi Pariksha” एक अद्भुत पुस्तक है, जो आयुर्वेद की प्राचीनतम एवं गूढ़तम विधियों में से एक – नाड़ी परीक्षा – को विस्तारपूर्वक समझाती है।
इसमें नाड़ी द्वारा यह जानने की विधि बताई गई है कि शरीर में दोषों (वात, पित्त, कफ) का असंतुलन कैसा है और उससे रोगों की पहचान कैसे की जा सकती है।
पुस्तक की मुख्य सामग्री:
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नाड़ी विज्ञान का इतिहास और महत्व
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नाड़ी पढ़ने की तकनीक और व्यावहारिक विधियाँ
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दोषों के आधार पर नाड़ी की पहचान
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नाड़ी परीक्षा द्वारा रोग निदान और स्वास्थ्य विश्लेषण
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आयुर्वेदिक चिकित्सा में नाड़ी विज्ञान का प्रयोग
यह पुस्तक विद्यार्थियों, चिकित्सकों और स्वास्थ्य-जिज्ञासुओं के लिए नाड़ी विज्ञान का एक सरल एवं विश्वसनीय मार्गदर्शक है।
📌 Key Features (मुख्य विशेषताएँ)
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आयुर्वेद की नाड़ी परीक्षा विधि का सरल वर्णन
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दोषों के आधार पर रोग निदान की व्याख्या
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विद्यार्थियों और प्रैक्टिशनर्स के लिए प्रैक्टिकल गाइड
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नाड़ी विज्ञान का वैज्ञानिक और प्राचीन दृष्टिकोण
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विशेषज्ञ लेखक – डॉ. ओमप्रकाश सक्सेना ‘निडर’ की रचना
📌 Best For (उपयुक्त पाठक वर्ग)
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आयुर्वेद विद्यार्थी एवं शोधकर्ता
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वैद्य और आयुर्वेद चिकित्सक
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स्वास्थ्य विज्ञान के विद्यार्थी
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प्राकृतिक चिकित्सा में रुचि रखने वाले पाठक
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पारंपरिक भारतीय चिकित्सा को सीखना चाहने वाले व्यक्ति
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