हिन्दू ज्योतिष में कर्म और पुनर्जन्म ज्योतिष शास्त्र के गहन दार्शनिक पक्ष को प्रस्तुत करने वाली एक विशिष्ट कृति है। इस पुस्तक में कर्म सिद्धांत, पूर्वजन्म के संस्कार, भाग्य और ग्रहों के संबंध को सरल एवं तर्कसंगत ढंग से समझाया गया है।
लेखक बताते हैं कि जन्मकुंडली केवल वर्तमान जीवन का संकेत नहीं देती, बल्कि यह पूर्व जन्मों के कर्मों का भी दर्पण होती है। पुस्तक में अनेक वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से कर्म और पुनर्जन्म के सिद्धांतों का विश्लेषण किया गया है।
✍ लेखक परिचय
K. N. Rao
विश्व प्रसिद्ध वैदिक ज्योतिषाचार्य, शोधकर्ता एवं लेखक। इन्होंने कर्म सिद्धांत, भविष्यवाणी एवं आध्यात्मिक ज्योतिष पर कई महत्वपूर्ण ग्रंथ लिखे हैं।
🏢 प्रकाशक
यह पुस्तक Vani Publications द्वारा प्रकाशित की गई है, जो दार्शनिक एवं आध्यात्मिक साहित्य के लिए जानी जाती है।
🔮 पुस्तक में शामिल मुख्य विषय
✔ कर्म सिद्धांत का ज्योतिषीय आधार
✔ पुनर्जन्म और ग्रहों का संबंध
✔ जन्मकुंडली में पूर्व जन्म संकेत
✔ भाग्य और स्वतंत्र इच्छा का संतुलन
✔ वास्तविक उदाहरणों द्वारा विश्लेषण
✔ आध्यात्मिक ज्योतिष के सिद्धांत
🎯 यह पुस्तक किनके लिए उपयुक्त है?
वैदिक ज्योतिष के गंभीर विद्यार्थी
कर्म सिद्धांत में रुचि रखने वाले शोधकर्ता
आध्यात्मिक साधक
कुंडली विश्लेषण करने वाले ज्योतिषी
दर्शन एवं अध्यात्म के पाठक












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