लघु पाराशरी वैदिक ज्योतिष की पाराशरी पद्धति पर आधारित एक महत्वपूर्ण और प्रसिद्ध ग्रंथ है। यह पुस्तक मुख्य रूप से ग्रह दशा प्रणाली (Dasha System), योग, तथा कुंडली के ग्रहों के फल का अध्ययन करने के लिए जानी जाती है।
पाराशरी ज्योतिष में ग्रहों की दशाओं का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है, क्योंकि इन्हीं के माध्यम से व्यक्ति के जीवन में होने वाली घटनाओं का समय और प्रभाव समझा जाता है। इस ग्रंथ में विशेष रूप से विंशोत्तरी दशा प्रणाली, ग्रहों के आपसी संबंध और राजयोग के सिद्धांतों को समझाया गया है।
कृष्ण कुमार द्वारा प्रस्तुत यह हिंदी संस्करण ज्योतिष के विद्यार्थियों के लिए सरल और अध्ययन योग्य रूप में तैयार किया गया है। इसमें पारंपरिक सिद्धांतों के साथ-साथ व्यावहारिक दृष्टिकोण से भी विषयों को समझाया गया है, जिससे पाठक ज्योतिषीय भविष्यवाणी को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं।
यह पुस्तक उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो पाराशरी ज्योतिष, ग्रह दशा और योग सिद्धांत का गहन अध्ययन करना चाहते हैं।
📚 इस पुस्तक में प्रमुख विषय
पाराशरी ज्योतिष का परिचय
ग्रह दशा प्रणाली (Dasha System)
विंशोत्तरी दशा का महत्व
ग्रहों के योग और उनके फल
कुंडली में ग्रहों के प्रभाव का विश्लेषण
⭐ पुस्तक की विशेषताएँ
✔ पाराशरी ज्योतिष का महत्वपूर्ण ग्रंथ
✔ ग्रह दशा और योग सिद्धांतों की व्याख्या
✔ ज्योतिष विद्यार्थियों के लिए उपयोगी
✔ सरल और स्पष्ट हिंदी भाषा
✔ पारंपरिक ज्योतिष अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण पुस्तक













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