🔎 संक्षिप्त मर्म
यह दो-खंडीय संग्रह समुद्रिक शास्त्र की वैज्ञानिक और प्राचीन संरचनाओं को प्रस्तुत करता है—जिसमें शरीर, हाथ की रेखाएँ और अन्य लक्षणों से व्यक्तित्व, भाग्य, स्वास्थ्य व जीवन यात्रा के रहस्य समझे जाते हैं:
-
खंड 1: शरीर और हस्तरेखाओं की संरचनात्मक व्याख्या—चित्रों और रेखाओं के माध्यम से योग-रचनाएँ समझाई गई हैं।
-
खंड 2: ऊपर के लक्षणों का विश्लेषण, विस्तार व भविष्य‑निर्धारण हेतु जोड़; यह खंड हेतु लगभग 113 पेज है (नयी प्रकाशन सूचना के अनुसार)।
🧠 पुस्तक की विशेषताएँ
-
शरीर और हाथ की आकृति‑विज्ञान तथा हस्तरेखा विज्ञान का गहन अध्ययन।
-
व्यावहारिक उदाहरण, चित्र, और स्पष्ट व्याख्याओं के साथ विस्तृत रूपरेखा।
-
उदाहरण स्वरूप, जीवन घटनाओं, व्यक्तित्व प्रवृत्तियों, स्वास्थ्य संकेतों का विश्लेषण करना संभव।
-
पहली ऐसी पुस्तक मानी जाती है जिसमें बताया गया कि क्या पढ़ने से किसी अन्य ग्रंथ की आवश्यकता ही नहीं रहेगी।
⭐ उपयोगिता और उपयुक्त पाठक
-
ज्योतिष और रत्नज्ञ गण के लिए उपयुक्त पुस्तक।
-
नव‑शोधार्थी, अभ्यासकर्ता व हाथ‑रेखा में रुचि रखने वालों के लिए अनिवार्य ग्रंथ।
-
भारतीय लौकिक-वैज्ञानिक दृष्टिकोण को हिंदी में समेकित रूप से समझने में सहायक।
Reviews
There are no reviews yet.