‘रेमेडियल वास्तु शास्त्र (भारतीय एवं फेंगशुई)’ वास्तुशास्त्र के व्यावहारिक पक्ष को समझाने वाली एक उपयोगी हिन्दी पुस्तक है। भारतीय परंपरा में वास्तुशास्त्र भवन निर्माण, दिशाओं, पंचमहाभूतों एवं स्थान व्यवस्था से संबंधित शास्त्रीय सिद्धांतों का वर्णन करता है। वहीं फेंगशुई चीन की पारंपरिक स्थापत्य एवं स्थान-संतुलन प्रणाली है, जिसका उद्देश्य वातावरण में संतुलन एवं सामंजस्य स्थापित करना माना जाता है।
इस पुस्तक में दोनों परंपराओं का संक्षिप्त परिचय देते हुए ऐसे पारंपरिक उपायों का वर्णन किया गया है जिन्हें बड़े निर्माण परिवर्तन के बिना अपनाने की चर्चा की गई है। पुस्तक का उद्देश्य पाठकों को वास्तु संबंधी मूल अवधारणाओं एवं पारंपरिक सुधार विधियों से परिचित कराना है।
पुस्तक का महत्व
आज के समय में अनेक भवन, फ्लैट एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान ऐसे होते हैं जिनमें संरचनात्मक परिवर्तन करना संभव नहीं होता। ऐसी परिस्थितियों में पारंपरिक वास्तु साहित्य में वर्णित रेमेडियल (उपचारात्मक) उपायों का उल्लेख किया जाता है।
यह पुस्तक भारतीय वास्तुशास्त्र एवं फेंगशुई की पारंपरिक अवधारणाओं के आधार पर विभिन्न प्रकार के वास्तु दोषों के बारे में जानकारी प्रदान करती है तथा उनसे संबंधित पारंपरिक उपायों का परिचय कराती है।
पुस्तक की प्रमुख विशेषताएँ
- भारतीय वास्तुशास्त्र का सरल परिचय।
- फेंगशुई के मूल सिद्धांतों का संक्षिप्त विवरण।
- वास्तु दोषों की पहचान संबंधी जानकारी।
- पारंपरिक वास्तु सुधार उपायों का परिचय।
- घर, कार्यालय एवं व्यापारिक प्रतिष्ठानों के लिए उपयोगी संदर्भ।
- दिशाओं एवं पंचमहाभूतों का महत्व।
- सरल हिन्दी भाषा में प्रस्तुति।
- प्रारम्भिक विद्यार्थियों एवं सामान्य पाठकों के लिए उपयुक्त।
- अध्ययन एवं संदर्भ हेतु उपयोगी पुस्तक।
- डिमाई साइज (Paperback) संस्करण।
पुस्तक में प्रमुख विषय
उपलब्ध विवरण एवं विषयवस्तु के आधार पर पुस्तक में सामान्यतः निम्नलिखित विषय सम्मिलित हो सकते हैं—
- वास्तुशास्त्र का परिचय
- भारतीय वास्तु के मूल सिद्धांत
- फेंगशुई का परिचय
- पंचमहाभूत एवं दिशाएँ
- भवन का वास्तु विश्लेषण
- मुख्य द्वार का महत्व
- पूजा कक्ष का स्थान
- रसोईघर का वास्तु
- शयनकक्ष की व्यवस्था
- अध्ययन कक्ष एवं कार्यालय
- व्यापारिक प्रतिष्ठानों का वास्तु
- पारंपरिक वास्तु सुधार उपाय
- फेंगशुई से संबंधित सामान्य अवधारणाएँ
- वास्तु एवं जीवनशैली का संबंध
यह पुस्तक किन पाठकों के लिए उपयुक्त है?
यह पुस्तक विशेष रूप से—
- वास्तुशास्त्र के विद्यार्थी
- गृहस्वामी
- वास्तु सलाहकार
- इंटीरियर डिज़ाइन में रुचि रखने वाले पाठक
- भारतीय वास्तु एवं फेंगशुई का अध्ययन करने वाले शोधार्थी
- धार्मिक एवं सांस्कृतिक साहित्य के पाठक
- वास्तु विषय की प्रारम्भिक जानकारी प्राप्त करने वाले व्यक्ति
के लिए उपयोगी संदर्भ ग्रंथ है।
इस पुस्तक को क्यों पढ़ें?
यदि आप भारतीय वास्तुशास्त्र एवं फेंगशुई की मूल अवधारणाओं को सरल भाषा में समझना चाहते हैं तथा पारंपरिक रूप से बताए जाने वाले वास्तु सुधार उपायों का परिचय प्राप्त करना चाहते हैं, तो ‘रेमेडियल वास्तु शास्त्र (भारतीय एवं फेंगशुई)’ एक उपयोगी अध्ययन पुस्तक है। यह पुस्तक वास्तु विषय के प्रारम्भिक अध्ययन, सामान्य संदर्भ एवं व्यक्तिगत पुस्तक संग्रह के लिए उपयुक्त है।

















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