‘संकट कटे मिटे सब पीरा’ वैदिक ज्योतिष के उपाय (Remedial Astrology) विषय पर आधारित एक व्यावहारिक एवं मार्गदर्शक ग्रंथ है। इसके लेखक डॉ. सुरेश चन्द्र मिश्र ने प्राचीन ज्योतिष, धर्मशास्त्र एवं संस्कृत ग्रंथों में वर्णित अनेक उपायों का चयन कर उन्हें सरल हिन्दी में प्रस्तुत किया है। पुस्तक का उद्देश्य पाठकों को ऐसे उपाय उपलब्ध कराना है जिन्हें सामान्य परिस्थितियों में भी अपनाया जा सके और जिनका आधार पारंपरिक ज्योतिषीय साहित्य में मिलता हो।
यह पुस्तक केवल ज्योतिषीय सिद्धांतों की चर्चा नहीं करती, बल्कि जीवन में आने वाली विभिन्न प्रकार की बाधाओं, ग्रहजनित कष्टों तथा मानसिक, पारिवारिक और व्यावसायिक समस्याओं के संदर्भ में परंपरागत उपायों का परिचय भी कराती है। लेखक ने विशेष रूप से ऐसे उपायों पर बल दिया है जिन्हें सात्विक, सरल एवं कम खर्च में किया जा सकता है।
पुस्तक का उद्देश्य
वैदिक ज्योतिष में यह माना जाता है कि जन्मकुण्डली में ग्रहों की स्थिति जीवन के विभिन्न क्षेत्रों को प्रभावित कर सकती है। पारंपरिक ज्योतिष ग्रंथों में मंत्र, दान, जप, व्रत, देवपूजन तथा अन्य सात्विक उपायों का उल्लेख मिलता है। यह पुस्तक उन्हीं उपायों को व्यवस्थित रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।
पुस्तक की प्रमुख विशेषताएँ
- सरल एवं व्यावहारिक ज्योतिषीय उपाय।
- सात्विक एवं पारंपरिक उपायों पर विशेष बल।
- विभिन्न ग्रहों की शांति हेतु उपाय।
- कालसर्प योग एवं मंगलीक दोष संबंधी पारंपरिक उपाय।
- पितृ दोष एवं राहु-अंगारक योग से संबंधित चर्चा।
- मंत्र, दान एवं पूजन की जानकारी।
- वनस्पति, धातु, जल, पुष्प एवं अन्य प्राकृतिक साधनों का उल्लेख।
- कम खर्च में किए जा सकने वाले उपाय।
- सामान्य पाठकों एवं ज्योतिष विद्यार्थियों दोनों के लिए उपयोगी।
पुस्तक में प्रमुख विषय
उपलब्ध विवरणों के अनुसार पुस्तक में निम्न विषयों पर सामग्री सम्मिलित है—
- नवग्रह शांति के उपाय
- सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु एवं केतु संबंधी उपाय
- कालसर्प योग
- मंगलीक दोष
- राहु-अंगारक योग
- पितृ दोष
- केमद्रुम योग
- वास्तु संबंधी पारंपरिक उपाय
- मंत्र एवं बीज मंत्र
- दान के शास्त्रीय नियम
- ग्रह शांति हेतु वनस्पतियाँ
- धातु एवं रत्नों का पारंपरिक उपयोग
- धार्मिक एवं सात्विक जीवनशैली से जुड़े सुझाव
लेखक परिचय
डॉ. सुरेश चन्द्र मिश्र हिन्दी ज्योतिष साहित्य के प्रतिष्ठित लेखक एवं व्याख्याकार हैं। उन्होंने वैदिक ज्योतिष, फलित ज्योतिष, मुहूर्त, उपाय, शास्त्रीय ग्रंथों के अनुवाद तथा व्यवहारिक ज्योतिष जैसे अनेक विषयों पर पुस्तकें लिखी हैं। उनकी पुस्तकों की विशेषता यह है कि वे पारंपरिक संस्कृत स्रोतों को सरल हिन्दी में प्रस्तुत करती हैं, जिससे विद्यार्थी और सामान्य पाठक दोनों लाभान्वित होते हैं।
यह पुस्तक किनके लिए उपयुक्त है?
यह पुस्तक विशेष रूप से—
- वैदिक ज्योतिष के विद्यार्थी
- ज्योतिषाचार्य
- उपाय ज्योतिष का अध्ययन करने वाले पाठक
- ग्रहदोष संबंधी पारंपरिक जानकारी प्राप्त करने के इच्छुक व्यक्ति
- धार्मिक एवं आध्यात्मिक साहित्य के पाठक
- ज्योतिष परामर्श देने वाले विद्वान
के लिए उपयोगी संदर्भ पुस्तक है।
इस पुस्तक को क्यों पढ़ें?
यदि आप वैदिक ज्योतिष में वर्णित पारंपरिक उपायों का व्यवस्थित अध्ययन करना चाहते हैं और ग्रहों से संबंधित शास्त्रीय उपायों की जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो यह पुस्तक उपयोगी अध्ययन सामग्री प्रदान करती है। इसमें सरल भाषा, व्यावहारिक प्रस्तुति तथा प्राचीन स्रोतों पर आधारित उपायों का संकलन इसे ज्योतिष साहित्य की उपयोगी पुस्तकों में स्थान दिलाता है।
















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