“सत्सङ्ग-सुधा” गीता प्रेस, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित एक मूल्यवान पुस्तक है, जिसमें जीवन को सार्थक बनाने वाले सत्संग के महत्व और संतों के उपदेशों का संकलन किया गया है।
इस पुस्तक में यह बताया गया है कि सत्संग मनुष्य के जीवन को कैसे शुद्ध करता है, मानसिक संतुलन देता है और ईश्वर-भक्ति के मार्ग को सरल बनाता है। इसमें भक्तिमार्ग, ज्ञानमार्ग और आध्यात्मिक साधना से संबंधित उपदेश दिए गए हैं।
यह ग्रंथ हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणास्रोत है जो आध्यात्मिक उन्नति, शांति और भक्ति-भाव की तलाश में है। सरल हिंदी में लिखी गई यह पुस्तक सभी उम्र और वर्ग के पाठकों के लिए उपयोगी है।
📌 Key Features (मुख्य विशेषताएँ)
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सत्संग के महत्व और प्रभाव पर आधारित ग्रंथ
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संतों के उपदेश और जीवन मार्गदर्शन का संकलन
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गीता प्रेस, गोरखपुर का प्रामाणिक प्रकाशन
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सरल हिंदी भाषा में प्रस्तुत
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जीवन में शांति और भक्ति की प्रेरणा देने वाली पुस्तक
📌 Best For (उपयुक्त पाठक वर्ग)
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अध्यात्म और भक्ति में रुचि रखने वाले
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सत्संग करने वाले और आध्यात्मिक साधक
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जीवन-मार्गदर्शन की तलाश में रहने वाले पाठक
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विद्यार्थी और युवा वर्ग जो सही दिशा चाहते हैं
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धार्मिक संस्थान, मंदिर और आश्रम
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