“शिशुपालवधम्” महान संस्कृत कवि माघ द्वारा रचित प्रसिद्ध महाकाव्य है, जो भगवान श्रीकृष्ण द्वारा शिशुपाल के वध की कथा पर आधारित है।
यह ग्रंथ संस्कृत साहित्य की उत्कृष्टता, अलंकारों की गहराई और शास्त्रीय काव्य-परंपरा की श्रेष्ठता को प्रदर्शित करता है।
पंडित हरगोविंद शास्त्री ने इस कृति का सरल व सटीक हिंदी अनुवाद प्रस्तुत किया है, जिससे विद्यार्थी, शोधकर्ता और सामान्य पाठक इस अमूल्य ग्रंथ का गहन अध्ययन कर सकते हैं।
चौखंबा प्रकाशन द्वारा प्रकाशित यह संस्करण न केवल साहित्यिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि अध्यात्म, दर्शन और काव्य-रसिकों के लिए भी विशेष महत्व रखता है।
Key Features (मुख्य विशेषताएँ)
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संस्कृत महाकवि माघ रचित शिशुपालवधम् का हिंदी अनुवाद।
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पंडित हरगोविंद शास्त्री द्वारा सहज एवं प्रामाणिक व्याख्या।
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संस्कृत साहित्य और अलंकार शास्त्र के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी।
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चौखंबा प्रकाशन का प्रामाणिक संस्करण।
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शोध, अध्ययन एवं प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु उपयुक्त।
Best For (उपयुक्त पाठक वर्ग)
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संस्कृत एवं हिंदी साहित्य के विद्यार्थी।
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शास्त्र एवं महाकाव्य के शोधार्थी।
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भारतीय काव्य-परंपरा और अलंकार शास्त्र के अध्येता।
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अध्यात्म और दर्शन के प्रेमी।
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प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी (संस्कृत/हिंदी साहित्य विषय)।
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