“विनय पत्रिका” महान कवि और संत गोस्वामी तुलसीदास जी की प्रमुख कृतियों में से एक है। इस ग्रंथ में तुलसीदास जी ने अपनी भक्ति, श्रद्धा और विनम्रता के भावों को प्रभु श्रीराम के चरणों में अर्पित किया है।
गीता प्रेस गोरखपुर का यह हार्डकवर संस्करण (Code-1701) भक्तों के लिए विशेष रूप से प्रकाशित किया गया है। इसमें भावनाओं से परिपूर्ण स्तुतियाँ, प्रार्थनाएँ और विनयपूर्ण पद्य संकलित हैं, जिनके पाठ से:
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मन की शांति और संतोष की प्राप्ति होती है।
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भक्ति और आत्मसमर्पण का मार्ग सुदृढ़ होता है।
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भगवान श्रीराम में अनन्य भक्ति और विश्वास उत्पन्न होता है।
यह पुस्तक न केवल धार्मिक साधना में सहायक है, बल्कि जीवन के हर चरण में मन को स्थिर और आत्मा को संतुलित करने का अद्भुत साधन भी है।
📌 Key Features (मुख्य विशेषताएँ)
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गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित अनमोल भक्ति ग्रंथ
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गीता प्रेस गोरखपुर का प्रामाणिक प्रकाशन
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प्रभु श्रीराम के चरणों में प्रार्थना और विनय का संकलन
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हार्डकवर, टिकाऊ और दीर्घकालीन उपयोग हेतु उपयुक्त
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भक्ति साधना और आध्यात्मिक मार्गदर्शन के लिए श्रेष्ठ
📌 Best For (उपयुक्त पाठक वर्ग)
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प्रभु श्रीराम और तुलसीदास जी के भक्त
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भक्ति साहित्य और संत कवियों की रचनाओं के प्रेमी
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गीता प्रेस गोरखपुर के प्रामाणिक धार्मिक ग्रंथ संग्राहक
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आध्यात्मिक साधना और आत्मिक शांति चाहने वाले पाठक
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