“विरह पदावली” भक्तिमार्ग की अमूल्य धरोहर है, जिसमें भगवान के प्रति गहरी भक्ति, प्रेम और वियोग की भावनाओं का अद्वितीय संकलन प्रस्तुत किया गया है। यह ग्रंथ उन भक्तों की भावनाओं को दर्शाता है, जो प्रभु से विरह में तड़पते हैं और उनके चरणों की प्राप्ति की अभिलाषा रखते हैं।
गीता प्रेस, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित इस पदावली में सरल और भावपूर्ण भाषा का प्रयोग हुआ है, जिससे पाठक सहज रूप से ईश्वर-प्रेम और भक्ति की अनुभूति कर सकते हैं। यह पुस्तक अध्यात्म, भक्ति और भजन साहित्य में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए अत्यंत उपयोगी है।
📌 Key Features (मुख्य विशेषताएँ)
-
विरह रस से ओत-प्रोत भक्तिपूर्ण पदों का संकलन
-
प्रभु के प्रति गहन प्रेम और तड़प का साहित्यिक चित्रण
-
साधकों को भक्ति और आत्मिक शांति का अनुभव कराता है
-
गीता प्रेस, गोरखपुर का प्रामाणिक प्रकाशन
-
भजन, कीर्तन और सत्संग के लिए उपयुक्त ग्रंथ
📌 Best For (उपयुक्त पाठक वर्ग)
-
भक्ति-साहित्य और पदावली के प्रेमी पाठक
-
अध्यात्म और भक्तिमार्ग के साधक
-
भजन गायन एवं सत्संग के आयोजक
-
हिंदी भक्ति कविताओं के विद्यार्थी
-
घर और मंदिर में पाठ हेतु उपयोगी
Reviews
There are no reviews yet.