भृगु ऋषि द्वारा रचित यह ग्रंथ भारतीय ज्योतिष का अद्वितीय निधि है। “प्राचीन भृगु नाड़ी ज्योतिष संहिता (3 खंडों का सेट)” एक संग्रह है उन अत्यंत दुर्लभ भविष्यवाणियों का, जो भृगु नाड़ी पद्धति पर आधारित हैं। यह संहिता न केवल ज्योतिषीय गणनाओं को प्रस्तुत करती है, बल्कि जातक के जीवन की घटनाओं को सटीक रूप से दर्शाती है – जैसे जन्म से मृत्यु तक के विशेष बिंदु, परिवार, व्यवसाय, संतान, विवाह, रोग और कष्ट।
इस ग्रंथ में ग्रहों की स्थिति अनुसार भविष्यवाणियाँ, दशा-भुक्ति की विश्लेषणात्मक विधियाँ, तथा सम्भावित उपाय दिए गए हैं। इसमें हजारों जन्मपत्रिकाओं और अनुभवजन्य भविष्यवाणियों का विस्तृत समावेश है।
📚 इस सेट में सम्मिलित हैं:
✅ खंड 1: भृगु नाड़ी का मूल परिचय, ग्रह योग, कुंडली का विश्लेषण
✅ खंड 2: जीवन के विशेष घटनाक्रम, ग्रहों का क्रियात्मक फल
✅ खंड 3: जन्मपत्रिका से संबंधित विशिष्ट सूत्र और व्याख्या, उपायों का संग्रह
🔍 मुख्य विशेषताएँ:
-
भृगु नाड़ी पद्धति का प्रमाणिक स्रोत
-
यथार्थ भविष्यवाणी के उदाहरण
-
हस्तलिखित मूल नाड़ी ग्रंथों का सरल प्रस्तुतीकरण
-
सभी खंड हार्डकवर व सुंदर रूप में प्रकाशित
-
विद्वानों, शोधकर्ताओं, और ज्योतिष प्रेमियों के लिए उपयोगी
✅ यह पुस्तक किनके लिए उपयुक्त है:
📌 भृगु नाड़ी ज्योतिष सीखने के इच्छुक
📌 भविष्यवाणी में गहराई से कार्य करने वाले ज्योतिषी
📌 शोध छात्र व अध्यापक
📌 शुद्ध ग्रंथ संग्रह करने वाले पाठक
Reviews
There are no reviews yet.