“बृहत्संहिता” वैदिक परंपरा की वह अद्वितीय रचना है जिसमें 100 से अधिक अध्यायों के माध्यम से ज्योतिष, नक्षत्र, मौसम पूर्वानुमान, स्त्री लक्षण शास्त्र, वास्तु, यात्रा शकुन, ग्रहण शास्त्र, रत्न शास्त्र, मंदिर निर्माण, प्रेम एवं विवाह, और राज्य परामर्श जैसे विविध विषयों का समावेश है।
इस संस्करण की विशेषता है:
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मूल संस्कृत श्लोक
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सरल हिंदी में माया व्याख्या
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प्रत्येक अध्याय की व्यावहारिक व्याख्या और प्रसंग
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डॉ. सुरकांत झा की विद्वत्तापूर्ण टिप्पणियाँ
✨ मुख्य विशेषताएँ:
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भारतीय ज्ञान परंपरा का बहुपरिमाण ग्रंथ
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वैदिक-ज्योतिष और समाजशास्त्र का दुर्लभ संगम
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सभी विद्वानों, शोधकर्ताओं और ज्योतिष विद्यार्थियों के लिए उपयोगी
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खगोलीय और मौसमी गणनाओं का गूढ़ विवरण
✅ क्यों पढ़ें?
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यदि आप प्राचीन भारतीय ज्ञान और ज्योतिष के समग्र दर्शन को समझना चाहते हैं
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शोधकर्ता और विद्यार्थी के रूप में आपकी पृष्ठभूमि है
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वास्तु, शकुन विज्ञान और सामाजिक परंपराओं के वैज्ञानिक अध्ययन में रुचि है
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यदि आप वैदिक खगोल शास्त्र, ऋतु शास्त्र और राज्य-नीति में रूचि रखते हैं
👤 पाठक वर्ग:
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वैदिक ज्योतिष विद्यार्थी
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शोधार्थी एवं विद्वान
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पंडित, आचार्य एवं गुरुजन
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संस्कृत, ज्योतिष और भारतीय परंपरा में रुचि रखने वाले पाठक
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