“गणेशस्तोत्ररत्नाकर” गीता प्रेस, गोरखपुर का एक विशेष धार्मिक ग्रंथ है जिसमें भगवान श्रीगणेश की महिमा का वर्णन करने वाले विविध स्तोत्रों और भजनों का संकलन है।
इस पुस्तक के माध्यम से पाठक गणेश जी की आराधना, भक्ति और स्तुति को विधिपूर्वक समझ सकते हैं। यह ग्रंथ भक्तों को जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर करने, बुद्धि एवं विवेक को प्रखर बनाने और हर कार्य में सफलता प्राप्त करने का मार्ग दिखाता है।
सरल हिंदी भाषा में उपलब्ध यह पुस्तक घर, मंदिर और पूजा-पाठ के समय पढ़ने के लिए अत्यंत उपयुक्त है।
📌 Key Features (मुख्य विशेषताएँ)
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भगवान गणेश के विविध स्तोत्रों और भजनों का संकलन
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भक्ति, शांति और सफलता की प्रेरणा देने वाली पुस्तक
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गीता प्रेस, गोरखपुर का प्रामाणिक प्रकाशन
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सरल एवं सुबोध हिंदी भाषा में प्रस्तुत
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घर, मंदिर और पूजा अवसरों पर उपयोगी
📌 Best For (उपयुक्त पाठक वर्ग)
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श्रीगणेश भक्त एवं उपासक
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पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान करने वाले
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अध्यात्म और भक्ति में रुचि रखने वाले
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परिवारिक एवं व्यक्तिगत पाठ के लिए
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मंदिरों और धार्मिक संस्थानों में उपयोग हेतु
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