“हिन्दू ज्योतिष में कर्म और पुनर्जन्म” प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य के. एन. राव की एक महत्वपूर्ण कृति है, जिसमें वेदिक ज्योतिष के माध्यम से कर्म, पुनर्जन्म और भाग्य के गहरे संबंध को स्पष्ट किया गया है।
इस पुस्तक में बताया गया है कि किस प्रकार जन्मपत्री में ग्रहों की स्थिति और दशाएं हमारे पूर्व जन्म के कर्मों का संकेत देती हैं और वर्तमान जीवन की घटनाओं को प्रभावित करती हैं।
के. एन. राव ने अपने वर्षों के अनुभव और शोध के आधार पर सरल भाषा में गहन सिद्धांत प्रस्तुत किए हैं, जिससे विद्यार्थी, शोधकर्ता और ज्योतिष में रुचि रखने वाले सभी पाठक लाभान्वित हो सकते हैं।
यह पुस्तक ज्योतिष के आध्यात्मिक पहलुओं को समझने में भी मार्गदर्शन देती है, जिससे पाठक जीवन के उद्देश्य और कर्मफल के सिद्धांत को गहराई से समझ पाते हैं।
Key Features
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कर्म और पुनर्जन्म का ज्योतिषीय विश्लेषण
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ग्रहों, भावों और दशाओं का आध्यात्मिक दृष्टिकोण
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वास्तविक जन्मपत्रियों के उदाहरण
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सरल और स्पष्ट भाषा में गहन विषय-वस्तु
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विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और विद्वानों के लिए उपयुक्त
Best For
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ज्योतिष के विद्यार्थी
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शोधकर्ता एवं विद्वान
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कर्म और पुनर्जन्म के विषय में रुचि रखने वाले पाठक
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आध्यात्मिक ज्योतिष अध्ययन करने वाले व्यक्ति
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