“MILK: A Silent Killer” डॉ. एन. के. शर्मा द्वारा लिखी गई एक क्रांतिकारी पुस्तक है, जो दूध और डेयरी उत्पादों के पीछे छिपे वास्तविक तथ्यों और स्वास्थ्य संबंधी खतरों को उजागर करती है। यह हिंदी संस्करण खासतौर से भारतीय पाठकों को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है, जिसमें पारंपरिक मान्यताओं पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण से प्रश्न उठाए गए हैं।
पुस्तक में बताया गया है कि कैसे दूध, जिसे सदियों से स्वास्थ्यवर्धक माना जाता रहा है, वास्तव में कई रोगों का मूक कारण (Silent Cause) बन सकता है – जैसे एलर्जी, अस्थमा, डायबिटीज, त्वचा रोग, पाचन समस्याएँ, और यहां तक कि हृदय रोग व कैंसर।
लेखक ने नैचुरोपैथी, स्वस्थ जीवनशैली, और प्राकृतिक आहार की वकालत करते हुए यह स्पष्ट किया है कि बिना दूध के भी जीवन न केवल संभव है, बल्कि अधिक स्वास्थ्यप्रद है।
✨ मुख्य विशेषताएँ
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दूध और डेयरी उत्पादों के दुष्प्रभावों का वैज्ञानिक विवेचन
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पारंपरिक आहार के मिथकों को चुनौती देती है
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एलर्जी, हड्डी रोग, कैंसर जैसे रोगों से संबंध की जानकारी
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विकल्प स्वरूप प्राकृतिक आहार की व्याख्या
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जन-जागरूकता के लिए अत्यंत उपयोगी पुस्तक
✅ क्यों पढ़ें यह पुस्तक?
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दूध के स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों को समझने के लिए
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अपने जीवन व परिवार के लिए सही आहार विकल्प चुनने हेतु
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वैकल्पिक चिकित्सा और नैचुरोपैथी में रुचि रखने वालों के लिए
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स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने और पुरानी मान्यताओं को पुनः मूल्यांकन करने हेतु
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डॉक्टरों, डायटीशियन और स्वास्थ्य प्रशिक्षकों के लिए जरूरी पठन
👤 किनके लिए उपयोगी
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स्वास्थ्य के प्रति सजग पाठक
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योग, प्राकृतिक चिकित्सा और शाकाहार में रुचि रखने वाले
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माता-पिता जो बच्चों के आहार को लेकर सचेत हैं
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पोषण विशेषज्ञ और हेल्थ कोच
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मेडिकल स्टूडेंट्स और रिसर्चर
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