इस पुस्तक में आचार्य विवेकश्री कौशिक ने पारंपरिक वैदिक और होरारी ज्योतिष के सिद्धांतों के आधार पर यह समझाने का प्रयास किया है कि मानव शरीर में रोग कैसे जन्म लेते हैं, उनकी ग्रहों से क्या संबद्धता है, और किस प्रकार जन्म कुंडली द्वारा रोगों का पूर्वानुमान तथा उपचार संभव है।
मुख्य विषयों में शामिल हैं:
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ग्रह दोषों से उत्पन्न रोग
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भावों का रोग संकेतों से संबंध
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रोगों का दशा-गोचर विश्लेषण
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विभिन्न रोगों के लिए सरल ज्योतिषीय उपचार
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रत्न, मन्त्र और यंत्र के उपाय
यह पुस्तक विशेष रूप से उन पाठकों के लिए उपयुक्त है जो ज्योतिष का उपयोग स्वास्थ्य सुधार और रोग निवारण के लिए करना चाहते हैं।
🔍 विशेषताएँ
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चिकित्सा ज्योतिष पर व्यावहारिक और शोधपरक दृष्टिकोण
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सरल भाषा में गूढ़ ज्योतिषीय सिद्धांतों की प्रस्तुति
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प्रत्येक रोग के साथ संलग्न संभावित ग्रह और उपाय
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रोगों की पहचान हेतु कुंडली विश्लेषण के स्पष्ट सूत्र
✅ क्यों पढ़ें यह पुस्तक?
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यह पुस्तक रोग के कारणों की गहन व्याख्या ज्योतिषीय दृष्टिकोण से करती है
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आयुर्वेद और ज्योतिष के समन्वय से उपचार विधियाँ प्रदान करती है
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नाड़ी, प्रश्न और दशा प्रणाली का समुचित उपयोग दर्शाती है
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विद्यार्थी, शोधकर्ता और ज्योतिष सलाहकारों के लिए समान रूप से उपयोगी
👤 किसके लिए उपयोगी है?
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वैदिक ज्योतिष विद्यार्थी एवं शोधकर्ता
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रोग निवारण में ज्योतिषीय सहायता खोजने वाले व्यक्ति
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वैकल्पिक चिकित्सा में रुचि रखने वाले
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पेशेवर ज्योतिषी जो चिकित्सा क्षेत्र में परामर्श देना चाहते हैं
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