“सुखी जीवन” गीता प्रेस, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित एक महत्वपूर्ण पुस्तक है जो जीवन को सही दिशा देने और आचार-विचार में सुधार करने का मार्ग बताती है। इस पुस्तक में दैनिक जीवन में अपनाई जाने वाली सद्गुणों, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक सिद्धांतों का सरल और प्रभावी वर्णन किया गया है।
पाठक इसमें यह जान सकते हैं कि सच्चा सुख केवल बाहरी भौतिक साधनों में नहीं, बल्कि संयम, सत्कर्म और सदाचार में निहित है। गीता प्रेस का यह प्रकाशन हर आयु वर्ग के लोगों के लिए जीवन को सहज, सच्चा और संतुलित बनाने का मार्गदर्शक सिद्ध होता है।
📌 Key Features (मुख्य विशेषताएँ)
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जीवन को सुखी और संतुलित बनाने के लिए मार्गदर्शन
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नैतिकता, सदाचार और आध्यात्मिकता पर आधारित विचार
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सरल एवं प्रभावी भाषा शैली
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गीता प्रेस गोरखपुर का प्रामाणिक प्रकाशन
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सभी आयु वर्ग के पाठकों के लिए उपयुक्त
📌 Best For (उपयुक्त पाठक वर्ग)
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विद्यार्थी और युवा वर्ग
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जीवन प्रबंधन और नैतिक शिक्षा में रुचि रखने वाले
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आध्यात्मिकता की ओर अग्रसर साधक
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गृहस्थ जीवन में शांति और संतुलन चाहने वाले
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