“तत्त्वचिन्तामणि” (Tatvachintamani) गीता प्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित एक महत्वपूर्ण दार्शनिक पुस्तक है। इसमें भारतीय दर्शन के मूल सिद्धांतों एवं तत्त्वों की व्याख्या की गई है, जिससे पाठक सत्य, आत्मा, ईश्वर और जगत से संबंधित गूढ़ विषयों को समझ पाते हैं।
यह ग्रंथ विशेष रूप से उन पाठकों के लिए उपयुक्त है जो भारतीय तत्त्वज्ञान और अध्यात्म की गहराइयों का अध्ययन करना चाहते हैं। सरल और स्पष्ट भाषा में उपलब्ध यह पुस्तक छात्रों, शोधकर्ताओं और साधकों के लिए अत्यंत उपयोगी है।
📌 Key Features (मुख्य विशेषताएँ)
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भारतीय दर्शन और तत्त्वज्ञान का प्रामाणिक ग्रंथ
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आत्मा, ईश्वर और जगत से जुड़े विषयों की गहन व्याख्या
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गीता प्रेस गोरखपुर का विश्वसनीय प्रकाशन
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छात्रों, शोधकर्ताओं और साधकों के लिए उपयुक्त
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सरल और स्पष्ट हिंदी भाषा में उपलब्ध
📌 Best For (उपयुक्त पाठक वर्ग)
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भारतीय दर्शन और तत्त्वज्ञान के विद्यार्थी
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अध्यात्म और वेदांत में रुचि रखने वाले पाठक
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शोधकर्ता और विद्वान
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गीता प्रेस ग्रंथ संग्रह करने वाले पाठक
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