यह पुस्तक वास्तुशास्त्र के जटिल विषयों को सहजता से प्रस्तुत करती है, जैसे—दिशाओं का महत्व, पंचतत्व सिद्धांत, वास्तु दोष व उनके उपाय, निर्माण में अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह।
लेखक ने विशेष रूप से यह सुनिश्चित किया है कि पारंपरिक सिद्धांतों को आज के शहरी जीवन और वास्तुकला से जोड़ा जाए ताकि पाठक इसे अपने घर या कार्यक्षेत्र में सहजता से लागू कर सकें।
यह पुस्तक नव निर्माण, घर की खरीद, आंतरिक साज-सज्जा या वास्तु दोष निवारण में रुचि रखने वालों के लिए बेहद लाभकारी है।
✨ मुख्य विशेषताएँ:
-
वास्तुशास्त्र का पारंपरिक और समसामयिक समन्वय
-
सरल भाषा और व्यावहारिक दृष्टिकोण
-
घर, दुकान और कार्यालय वास्तु के लिए उपयुक्त
-
दोष निवारण के वैज्ञानिक उपायों का समावेश
-
जीवन में शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि लाने हेतु मार्गदर्शक
✅ क्यों पढ़ें?
-
अपने घर/ऑफिस के लिए सकारात्मक ऊर्जा और संतुलन स्थापित करने के लिए
-
वास्तु दोषों को पहचानने और दूर करने के उपाय सीखने के लिए
-
वास्तुशास्त्र में रुचि रखने वालों के लिए एक सुलभ प्रारंभिक मार्गदर्शिका
👤 पाठक वर्ग:
-
गृह स्वामी
-
आर्किटेक्ट, इंजीनियर, बिल्डर
-
ज्योतिषाचार्य और वास्तु सलाहकार
-
आध्यात्मिक व ऊर्जा संतुलन में रुचि रखने वाले पाठक
Reviews
There are no reviews yet.